संगठन की
भूमिका और
कार्य
अग्नि
और विस्फोटों
से जनजीवन और
संपत्ति को
आश्वासित करने
के लिए गूढ
उद्येश्य के
साथ, एक
संवैधानिक
प्राधिकारी
होने के रूप
में, संगठन को
विस्फोटक
अधिनियमों के
अंतर्गत रचे
हुए नियमों के
संचालन का भार
सौंपा गया है ।
2.1:
वैधानिक
भूमिका
विस्फोटक
अधिनियम 1884 :
1.
विस्फोटक
नियम, 2008
2.
गैस
सिलेन्डर
नियम, 2004
3.
स्थिर
तथा गतिशील
दाबपात्र (अज्वलित)
नियम, 1981
पेट्रोलियम
अधिनियम, 1934 :
1.
पेट्रोलियम
नियम, 2002
2.
कॅलशियम
कार्बाईड
नियम, 1987
3.
चलचित्र
फिल्म नियम, 1948
उपरोक्त
अधिनियमों और
नियमों के
संचालन से
संबंधित
संगठन की
गतिविधियों
को सारांश मे
निम्नानुसार
दर्शाया गया
है :-
2.1.1: विस्फोटक
नियम, 2008
विस्फोटक
नियम, 2008 के
अंतर्गत जो
प्रमुख कार्य
हैं वे
विस्फोटकों
के विनिर्माण
के लिए
अनुमोदन,
अनुज्ञप्ति
जारी करना,
विस्फोटको का
प्राधिकरण,
विस्फोटको का
भण्डारन विस्फोटकों
के आयात/निर्यात,
विस्फोटकों
का सडकों से
परिवहन और
विस्फोटकों
के बंडल बांधने
पॅकेजिंग से
जुडे हैं ।
उपकरणों और
मशीनों सहित
विभिन्न
प्रकार के
विस्फोटकों
के निर्माण के
लिए सुरक्षित
प्रणालियों
और तरीकों का
निर्धारण /निर्माण,
रख-रखाव, जमाव
और उपयोग के
समय विस्फोटकों
के सुरक्षित
व्यवहार, फोडने
के कार्य के
लिए उसके
भरोसेमंद और
प्रभावी होने
के प्रति
स्वीक`तियां देना
तथा नियमित
निरीक्षणों
द्वारा
विस्फोटको की
उपरोक्त सभी
गतिविधियों
पर बारीक
निगरानी रखना।
जन सुरक्षा और
सावधानी के
उद्येश्य से
अनुपयोगी तथा
जब्त किए हुए
विस्फोटकों
को नष्ट करने
की जबाबदारी
भी संगठन की
है।
2.1.2: विस्फोटक
पदार्थ
अधिनियम, 1908 के
अंतर्गत
अमोनियम
नाईट्रेट को
विशेष
प्रवर्ग का
विस्फोटक
पदार्थ घोषित
अमोनियम
नाइट्रेट का
दुरूपयोग
निवारण हेतु
तथा विधि
असंगत मंशा
वाले अपराधियों
को गंभीर सजा
देने हेतु, ग`ह
मंत्रालय
द्वारा भारत
के राजपत्र
असामान्य भाग-2
धारा-3 उप-धारा (2)
दि. 15.12.2008 को एक
अधिसूचना
संख्या एस.ओ. 2899 (ई)
प्रकाशित की ।
इस अधिसूचना
मे अमोनियम
नाइट्रेट या
उससे संबंधित
मिलावट को
विस्फोटक
पदार्थ
अधिनियम 1908 के
अंतर्गत खण्ड
बी धारा -2
द्वारा विशेष
प्रवर्ग के
विस्फोटक
पदार्थ घोषित
किया गया है।
अत: कोई भी
व्यक्ति जिसके
पास
अम्मोनियम
नाईट्रेट या
इसका मिश्रण
है तथा उसकी
विधि असंगत
मंशा है तो वह
विस्फोटक
पदार्थ
अधिनियम, 1908 के
अधीन
अभियोगीता का
भागी होगा
जिसमे कठोर
आजीवन
कारावास या
कुछ अवधि के
लिए कारावास
जो 10 साल तक बढ
सकती है , साथ
ही दण्ड का भी
भागी होगा।
अपराध में
सहकारी भी उसी
प्रकार के
दण्ड का भागी
होगा।
2.1.3:
गैस
सिलेण्डर
नियम, 2004
भारत सरकार
की अधिसूचना
सं.एम-12721, दि. 28
सितम्बर 1938 मे
पहली बार गॅस
सिलेण्डर
नियम
प्रकाशित हुए
थे जिसमे यह
घोषित किया गया
कि कोई भी गैस
जो मेटल कटेनर
मे संपीडित या
द्रवित रूप मे
अंतर्विष्ट
है वह
विस्फोटक
अधिनियम 1884 के
अंतर्गत आती
है। स्वंतत्रा
के पश्चात गॅस
उद्योग मे
विकास के
मद्येनजर
व्यापक
पुनरीक्षण के
पश्चात
उपरोक्त नियम
गॅस सिलेण्डर
नियम, 1981 द्वारा
प्रतिस्थापित
किए गए है ।
अस्सी और नब्बे
के दशक मे गैस
उद्योग एंव
इससे जुडे
उद्योगो के
कारण महापुंज
विस्तार हुआ,
जिसका कारण
आर्थिक
उदारीकरण एंव
वैश्वीकरण,
एलपीजी का
घरेलु एंव
औद्योगिक
ईंधन के रूप मे
इस्तमाल,
पर्यावरण
संरक्षित
आटोमोटिव
ईंधन के रूप मे
सीएनजी और
एलपीजी का
परिचय, नई
तकनीक, आदि का
आगमन जिसके
परिणाम
स्वरूप
संशोधन कर नया
गॅस सिलेण्डर
नियम, 2004 बनाए गए
।
इन नियमों के
अंतर्गत जो
प्रमुख कार्य
सम्मिलित है,
वे है :-
सिलेण्डर,
वॉल्स, एलपीजी
रेगुलेटरो के
विनिर्माण
इकाइयो को
अनुमोदन
प्रदान करना
तथा इन उपकरणो
का डिजाईन
अनुमोदन, गॅस
भरण संयंत्र,
सीएनजी
फयुलिंग
स्टेशन्स,
सिलेण्डर
भण्डारन
परिसरो तथा
सिलेण्डरो/वाल्स
के आयात का
अनुज्ञप्तिकरण,
सिलेण्डर भरण
अनुमति,
सिलेण्डर
परीक्षण
केन्द्र, आदि
को मान्यता,
संगठन
सिलेण्डरो,
वाल्स,
रेगुलेटरो, आदि
के मानको के
बनाने मे
महत्वपूर्ण
भूमिका निभाता
है। संगठन
नियमित रूप से
इनकी
संपरीक्षा
करता है
गॅस प्रतिष्ठापना इन्स्टॉलेशन,
भरण संयंत्र,
सीएनजी
फयुलिंग
स्टेशन,
सिलेण्डर,
वाल्स तथा
रेगुलेटर
विनिर्माण
इकाइयो, आदि जो
उपरोक्त नियमो
के अंतर्गत
अनुमोदित/अनुज्ञप्त
है और जो इन
नियमो के
अनुपालन को
सुनिश्चित कर
सुरक्षा जाग`रूकता लाना
है ।
नियमो के
विनियमन तथा
सरलीकरण के
बारे मे गॅस
सिलेण्डर
नियम, 2004 की
मुख्य
विशेषताएँ :-
क 2500
लि क्षमतावाले
स्पेशल
कंटेनरो तथा
नॉन-मेटालिक
मटेरियल से बने
कंपोसिट
सिलेण्डरों
को गॅस
सिलेण्डर
नियमों के
अंतर्गत लाने
के लिए इन नियमों
की व्याप्ती
बढाना।
ख बिना
लायसेंस, भरे
हुए सिलेण्डरों
को रखने की छूट
की सीमा तथा
अनुज्ञप्ति
प्रदान करना
तथा नवीकरण की
अवधि बढाना।
ग
भरण संयंत्र
के निर्माण,
सिलेण्डरो के
एक गॅस से दूसरे
मे परिवर्तित
करना तथा
अविषैली
अज्वलनशील
गॅसो का
सूर्यास्त और
सूर्योदय के
बीच सिलेण्डर-भरण
तथा इन सभी के
लिए
विनिर्देशो
तथा प्लान के
पूर्वानुमोदन
की जरूरतो को
पूरा करना।
घ
अनुज्ञप्तीधारक
की मृत्यु या
स्वामित्व
बदलने पर
अनुज्ञप्ति
के अंतरण/स्थानांतरण
की प्रक्रिया
का सरलीकरण।
2.1.4: स्थिर
तथा गतिशील
दाबपात्र
अज्वलित नियम,1981
संगठन
के कार्य जो इन
नियमों के
प्रशासन से
संबंधित हैं,
उनमें
सम्मिलित हैं
:-
दाब
पात्र/फिटिंग
की रचना और
डिझाइन दबाकर
भरी गॅस के जमा
करने के
अधिष्ठापनों
तथा सडकों
द्वारा उन गॅसों
के परिवहन के
प्रति
अनुज्ञप्तियों,
निर्मित/पात्रको
सुधाने और
अंतिम
परीक्षण और
सामयिक
परीक्षण के
समय के
परीक्षण
अभिकर्ताओं/सक्षम
व्यक्तियों
को परीक्षण
करने के लिए
मान्यता
प्रदान करना।
अनुज्ञप्तियां
प्रदान करने
के समय प`ष्ठांकन
के लिए स्थानों
का निरीक्षण
करना और
अनुज्ञप्ति
प्राप्त
स्थानों का
नियमित
परीक्षण भी
विभाग द्वारा
किया जाता है ।
संगठन किसी
नए परिसर के
अनुज्ञप्ति/अनुमोदन
के समय परिसरो
के सत्यापन/पृष्ठांकन
के लिए
निरीक्षण तथा
सुरक्षा जाँच
करता है तथा
उपरोक्त
कार्यो मे
सुरक्षा जाँच
का
पुनर्विलोकन
नियमित
परीक्षण,
निरीक्षण
रिपोर्ट तथा
वेसल्स,
फेब्रीकेटर्स
और प्रमाणन
एजन्सी का
निष्पादन करता
है।
नाईट्रोसेलुलोज
आधारित
फिल्मस कई सालों
से सुरक्षा
फिल्मस
पॉलीस्टर
द्वारा
प्रतिस्थापित
की गई है। यह
नियम
अनावश्यक
अतिरिक्त हो
गए है तथा हटाने
का सुझाव दिया
गया है।
2.1.5: एसिटिलीन
जनरेटर संबंधी
दिनांक 07.03.1983 की
अधिसूचना सं.जीएसआर.625ई
एसिटिलीन
जब द्रव्य हो
या दबाव में हो
या वायु या
आक्सीन के साथ
मिश्रण में हो,
वह अति
विस्फोटक होती
है । अत:
एसिटिलीन की
निर्मिति और
जेनेरेटर की
मान्यता इस
अधिसूचना में
समाविष्ट है।
एसिटिलीन
जेनेरेटर का
प्रकार तथा
एसिटिलीन
उपकरण की
स्वीकृति
विभाग द्वारा
प्रदान की जाती
है। निर्माता
के स्थान पर
जेनेरेटरों
के ट्रायल रन
लिए जाते हैं,
उसके संपादन
का मूल्याकंन
करने तथा
प्रत्येक
जेनेरेटर की
योग्यता का
निर्धारण
अनुज्ञप्तियों
के पृष्ठांकन
के समय विभाग
द्वारा किया
जाता हैं, साथ
ही साथ
कार्यरत डी.ए.फिलिंग
उपकरणों के
नियमित
निरीक्षणों
में भी ।
2.1.6: पेट्रोलियम
नियम, 2002
अधिनियम
और नियमों के
अंतर्गत
पेट्रोलियम
को
हायड्रोकार्बन
द्रव्य या
हायड्रोकार्बन
द्रव्य का
मिश्रण और
हायड्रोकार्बन
द्रव्य मिले
हुए किसी
ज्वलनशील
मिश्रण से
परिभाषित किया
गया है । इन
नियमों के
प्रशासन
संबंधी कार्यों
में समाविष्ट
हैं,
रिफाईनरियों,
पेट्रोकेमिकल्स,
तेल और गॅस
निर्मिति
उपकरण,
पेट्रोल का
जलमार्ग,
भूमिमार्ग व
पाइपलाईनों
द्वारा
स्थानांतरण,
ऐसे स्थानों
पर जहां
खतरनाक गॅस भरी
हों वहां
उपयोग में लाए
जाने वाले फलेमप्रुफ
और अन्य
सुरक्षा
उपकरणों का
प्रावधांन और
जमा करने वाले
प्रतिष्ठानों
का
अनुज्ञप्तिकरण
करना और सडकों
द्वारा
स्थानांतरण
करने टैंक-ट्रकों
की अनुमति और
जल-मार्ग से
वाहनों/जहाजों
को जो
पेट्रोलियम
ले जाते है गॅस
फ्री का
सर्टिफिकेट
प्रदान करना,
बंदरगाह के
प्रवेश के समय
या मनुष्य के
प्रवेश के समय
या कार्य करते
समय।
2.1.7:
कॅलशियम
कार्बाईड
नियम, 1987
कॅलशियम
कार्बाईड को
ज्वलनशील
पदार्थ
अधिनियम के
अंतर्गत एक
ज्वलनशील
पदार्थ घोषित
किया गया है और
उसके लिए
पेट्रोलियम
अधिनियम लागू
किया गया है।
कॅलशियम
कार्बाईड नमी
के साथ जुडकर
एसिटिलीन गॅस
निर्मित करती
है, जिसकी
विस्फोटक
सीमांए अति
विस्तृत है।
इन नियमों
द्वारा संगठन
को कॅलशियम
कार्बाईड को
भरने के पात्रों
को स्वीकृति
देने तथा
कॅलशियम
कार्बाईड के
रख-रखाव के लिए
अनुज्ञप्तियां
देने का
कार्यभार
सौंपा गया है।
2.1.8:
चलचित्र
फिल्म नियम, 1948
चलचित्र
फिल्मों, जिनमें
नाइट्रो-सेलुलोज
आधार रहता है,
उनका रख-रखाव
और
स्थानांतरण
बडे पैमाने
में अग्नि बाधा
उपस्थित करते
हैं। अत: इन
नियमों के
अंतर्गत ऐसी
फिल्मों के रख-रखाव
और
स्थानांतरण
का संचालन है
और रख-रखाव के
परिसरों का
अनुज्ञप्तिकरण
इस संगठन
द्वारा किया
जाता है।
परामर्शकारी
योगदान
विस्फोटकों
पेट्रोलियम,
कार्बाईड
कॅलशियम, गॅस
सिलिंडर्स,
प्रेशर
वेसल्स और
अन्य खतरनाक
वस्तुओं में
पूर्ण तकनीकी
दक्षता तथा
संबंधित
सुरक्षा के
पहलुओं के साथ,
विभाग एक
परामर्शकारी
संस्था का
कार्य करता है,
न केवल उद्योग
के लिए वरन
सरकारी तथा
बंदरगाहों,
रेल मार्गो,
भूमि वाहनों,
वातावरण और
प्रदूषण
नियंत्रण और
रक्षा-संगठनों
के समान अर्ध-सरकारी
संस्थाओं के
लिए भी । विभाग
बंदरगाहों के
उप-नियम,
इंडियन रेड
टैरिु और
खतरनाक
वस्तुओं के
रेल-मार्ग,
भूमि-मार्ग, जल-मार्ग
और वायु-मार्ग
संबंधित
परीवहन के
विनियमनों के
निर्धारण में
महत्वपूर्ण
योगदान
प्रदान करता
है। विभगा
आरडीएसओ को
विस्फोटक
वॅगनों तथा
पेट्रोलियम
और एलपीजी टँक
वॅगनों की रचना
करने में
आवश्यक
मार्गदर्शन
प्रदान करता
है। विस्फोटकों
और
पेट्रोलियम
का आयात व
निर्यात के
मामले में भू-मार्ग
और जल-मार्ग से
सुरक्षित
स्थानांतरण
भी विभाग
द्वारा
संचालित होता
है।
पर्यावरण
के मंत्रालय
द्वारा
निर्मित
केन्द्रीय
संग्रमण वर्ग
के मुख्य
विस्फोटक
नियंत्रक एक
मेंबर हैं और
प्रांतीय
स्तर तथा जिला
स्तर पर
संक्रमण
प्रबंधक वर्गों
में दूसरे
अधिकारी भी
प्रतिनिधित्व
करते है।